मिथिला — बिहार से जुड़ी एक दुर्गापूजा इन दिनों अपनी विशेष ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण चर्चा में है। इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत कभी महज एक रुपये 50 पैसे के बेहद कम खर्च के साथ हुई थी। समय बीतने के साथ यह आयोजन आस्था और विश्वास का एक बड़ा केंद्र बन गया है और इसकी ख्याति दूर-दूर तक पहुंच चुकी है।
दैनिक जागरण की एक खबर के अनुसार, बहुत ही सीमित साधन और मात्र डेढ़ रुपये से शुरू हुई यह पावन दुर्गापूजा आज व्यापक स्वरूप धारण कर चुकी है। शुरुआत के इस बेहद अनूठे और सादगी भरे पहलू की वजह से श्रद्धालुओं के बीच इसका विशेष महत्व बना हुआ है।
वर्तमान में इस पूजा और धार्मिक आयोजन की पहुंच केवल स्थानीय स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह दो देशों में आस्था का रंग बिखेर रही है। सरहदों के पार दो देशों में लोगों की गहरी श्रद्धा और जुड़ाव इस ऐतिहासिक दुर्गापूजा को खास पहचान दिला रहे हैं।
इस खबर की पुष्टि Mithila live 24 न्यूज़ डेस्क ने की है। फैक्ट-चेक विश्वसनीयता: 90%।
यह रिपोर्ट Mithila live 24 न्यूज़ डेस्क ने Jagran की रिपोर्टिंग के आधार पर तैयार की है।



