मिथिला — वर्ष 2011 में मुअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद से ही लीबिया लगातार राजनीतिक संघर्ष और आपसी फूट के एक जटिल चक्र में फंसा हुआ है। गद्दाफी के शासन के अंत के बाद देश में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है।

लीबिया में चुनाव कराने की उम्मीदों के साथ संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से एक समझौता भी किया गया था। इसके बावजूद, देश के अलग-अलग हिस्सों और क्षेत्रों पर विभिन्न प्रशासनों का अपना अलग नियंत्रण कायम है, जिससे पूर्ण राजनीतिक एकता स्थापित नहीं हो पा रही है।

आर्थिक स्तर पर अप्रैल 2026 तक एक एकीकृत राष्ट्रीय बजट हासिल करने में सफलता तो मिल गई, लेकिन इसे प्रभावी तरीके से लागू करने की राह में अब भी कई बड़ी बाधाएं और गंभीर चुनौतियां सामने खड़ी हैं।

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