मिथिला — भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में होने वाली त्रुटियों और गड़बड़ियों की पहचान करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर का नाम और उसका विवरण साझा करने से इनकार कर दिया है। आयोग ने इस संबंध में जानकारी न देने के लिए व्यापारिक गोपनीयता यानी 'ट्रेड सीक्रेट्स' और बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) का हवाला दिया है।

यह मामला सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई एक जानकारी से जुड़ा है। तेलंगाना के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने आरटीआई के जरिए आवेदन कर इस प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर और उसके एल्गोरिदम के बारे में विस्तृत विवरण मांगा था।

निर्वाचन आयोग ने अपने जवाब में यह स्पष्ट किया कि इस कार्य या अभ्यास के लिए कोई नया सॉफ्टवेयर विकसित नहीं किया गया था। इसके बावजूद, आयोग ने सुरक्षा और गोपनीयता के नियमों का हवाला देते हुए सॉफ्टवेयर व एल्गोरिदम से जुड़े विवरण को उजागर करने से साफ मना कर दिया।

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