मिथिला — आइसलैंड ने भारत के साथ जियोथर्मल यानी भूतापीय ऊर्जा, कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) और 'कार्बन-टू-स्टोन' तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग के लिए संपर्क साधा है। इन महत्वपूर्ण तकनीकों के आदान-प्रदान और साझेदारी के लिए दोनों पक्षों के बीच संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
इन प्रयासों के तहत आइसलैंड अपनी विशेषज्ञता को भारत के समक्ष रख रहा है। इसमें मुख्य रूप से पर्यावरण अनुकूल जियोथर्मल ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने वाली CCUS तकनीक और कार्बन को खनिज या पत्थर के रूप में सुरक्षित करने वाली 'कार्बन-टू-स्टोन' तकनीक को केंद्र में रखा गया है।
इस पहल के माध्यम से दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक उत्सर्जन नियंत्रण तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इन उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए आइसलैंड लगातार अपनी रुचि प्रदर्शित कर रहा है।
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यह रिपोर्ट Mithila live 24 न्यूज़ डेस्क ने The Hindu की रिपोर्टिंग के आधार पर तैयार की है।



