मिथिला — स्वराज्य की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपने डीप-टेक क्षेत्र के संस्थापकों और स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता तथा फंडिंग तो खुलकर उपलब्ध करा रहा है, लेकिन उनके उत्पादों व सेवाओं का पहला ग्राहक बनने में देश को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी क्षेत्र में नए प्रयोगों को आगे बढ़ाने के लिए निवेश की व्यवस्था की जा रही है, परंतु बाजार में उनके शुरुआती उपयोग और खरीदारी को लेकर स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि डीप-टेक संस्थापकों के लिए शुरुआती बाजार और ग्राहक तैयार करना एक अहम पहलू है। फंडिंग मिलने के बावजूद जब इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने और उनका पहला आधिकारिक खरीदार बनने का समय आता है, तब प्रक्रिया में रुकावटें देखने को मिलती हैं। ऐसे में स्टार्टअप्स के लिए पहला ग्राहक बनने के स्तर पर देश को लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस खबर की पुष्टि Mithila live 24 न्यूज़ डेस्क ने की है। फैक्ट-चेक विश्वसनीयता: 95%।
यह रिपोर्ट Mithila live 24 न्यूज़ डेस्क ने Swarajya की रिपोर्टिंग के आधार पर तैयार की है।



