मिथिला — आर्थिक अनुसंधान संस्थान ifo के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा तक पहुंच को कड़ा किए जाने से जर्मनी को हर साल 155 अरब यूरो का नुकसान हो सकता है। संस्थान का अनुमान है कि डेटा तक सीमित पहुंच के कारण देश को सालाना आधार पर भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ifo ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यदि एआई डेटा तक पहुंच संबंधी नियमों को और अधिक सख्त किया जाता है, तो इसका जर्मनी की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके परिणामस्वरूप देश को प्रति वर्ष लगभग 155 बिलियन यूरो तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संस्थान के इस आकलन के अनुसार, जर्मनी के लिए एआई डेटा तक पहुंच का मामला सीधे तौर पर बड़े वित्तीय असर से जुड़ा है, क्योंकि कड़े डेटा प्रतिबंधों से देश को हर साल 155 अरब यूरो का भारी नुकसान होने की संभावना जताई गई है।
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