मिथिला — तेलंगाना में शिक्षा क्षेत्र की स्थिति को लेकर शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकारी स्कूलों में रात बिताकर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। इस कदम के माध्यम से राज्य के विद्यालयों की वास्तविक स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों को रेखांकित करने की कोशिश की गई है।

सामने आए विवरण के अनुसार, तेलंगाना में शिक्षा के लिए दिया जाने वाला बजटीय समर्थन घटकर राज्य के कुल बजट परिव्यय के सिंगल-डिजिट प्रतिशत तक सीमित हो गया है। चिंता की बात यह है कि पिछले एक दशक से यह बजटीय आवंटन इसी निचले स्तर पर बना हुआ है और इसमें कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं देखा गया है।

शिक्षा पर बजटीय खर्च में आई इस गिरावट और पिछले दस वर्षों से इसके एकल अंक में बने रहने के कारण ही शिक्षाविदों और कार्यकर्ताओं द्वारा स्कूलों में रात गुजारने का यह कदम उठाया गया है। राज्य में शिक्षा के लिए वित्तीय सहयोग की यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है।

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