मिथिला — भारत के एक न्यायाधीश ने बाल यौन शोषण के एक मामले में पीड़िता को एक भावुक पत्र लिखा है। इस पत्र में जज ने बच्ची को पूरा भरोसा दिलाते हुए वादा किया है कि दोषी व्यक्ति कभी भी आजाद नहीं घूम सकेगा। जज के इस संदेश के जरिए पीड़िता को यह विश्वास दिलाया गया है कि मामले में न्याय किया गया है और अपराधी कभी भी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा।
इस भावनात्मक पत्र में न्यायाधीश ने पीड़िता के साहस का विशेष रूप से उल्लेख किया है। जज ने पत्र में पीड़िता का वर्णन करते हुए उसे इस अदालत द्वारा अब तक देखी गई सबसे बहादुर बच्ची करार दिया। न्यायाधीश ने बच्ची की हिम्मत की सराहना करते हुए यह स्पष्ट किया कि अदालत उसके साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित किया गया है कि आरोपी कभी रिहा न हो सके।
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