मिथिला — सरकार इस समय पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मर्चेंट शुल्क का अतिरिक्त बोझ आम उपभोक्ताओं पर न डाला जाए। इस संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से आगामी 15 अक्टूबर से इस पूरी स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
इसके साथ ही, अधिकारियों ने व्यापारियों को भी आश्वस्त किया है कि एमडीआर (MDR) लागू होने के बाद उन्हें किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जीएसटी लागत नहीं उठानी पड़ेगी। सरकार के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार में अधिक से अधिक घरेलू कंपनियों को समर्थन देना और डिजिटल क्षेत्र में नवाचार को मजबूती से प्रोत्साहित करना है।
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