मिथिला — ममता बनर्जी द्वारा हाथ से तैयार किए गए पार्टी चुनाव चिह्न का मामला अब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़े एक पुराने मामले से जुड़ गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा पार्टी और चुनाव चिह्न से संबंधित विवादों को सुलझाने का तरीका वर्ष 1969 के ऐतिहासिक कांग्रेस विभाजन के समय अत्यंत केंद्रीय बन गया था।

वर्ष 1969 में जब कांग्रेस का विभाजन हुआ था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पार्टी के पुराने नेतृत्व यानी ओल्ड गार्ड के खिलाफ मुकाबला किया था। उस दौरान पार्टी पर नियंत्रण और चिह्न के विवाद को निपटाने के लिए चुनाव आयोग ने तीन मुख्य परीक्षणों पर विचार किया था और उनका आकलन किया था।

निर्वाचन आयोग द्वारा विवादों के निपटारे के लिए अपनाई गई वही पद्धति इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस प्रकार ममता बनर्जी के हाथ से बने पार्टी चिह्न का यह प्रकरण सीधे तौर पर 1969 के उस दौर और इंदिरा गांधी से जुड़े मामले के संदर्भ से जुड़ गया है।

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