मिथिला — सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी भाषा के विरोध को लेकर तमिलनाडु के रुख पर बेहद सख्त टिप्पणी की है। देश भर में तमिलनाडु ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां आज तक एक भी नवोदय विद्यालय नहीं खोला गया है। देश के अन्य हिस्सों के विपरीत तमिलनाडु में इन स्कूलों की स्थापना का लगातार विरोध होता रहा है।
तमिलनाडु में नवोदय विद्यालयों के इस कड़े विरोध की जड़ें इस आशंका में जुड़ी हैं कि ये स्कूल राज्य में हिंदी भाषा को थोपने की एक कोशिश हैं। राज्य को यह अंदेशा रहा है कि इन विद्यालयों के जरिए उस पर हिंदी भाषा लागू की जा रही है। इसी आशंका के चलते राज्य में अब तक कोई नवोदय विद्यालय शुरू नहीं हो सका है।
हिंदी भाषा थोपे जाने की इसी आशंका के आधार पर नवोदय विद्यालयों को लेकर तमिलनाडु का जो विरोध रहा है, उसी पूरे मामले पर देश की सर्वोच्च अदालत ने अपनी गंभीर और सख्त प्रतिक्रिया दर्ज कराई है।
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